क्षमा करो

दर्शन-प्राशन मुझ पर हैं दो नयन आपने तो पहले से चार किये. सोचा मैं भी चार करूँ लेकर तुझसे दो नयन पिये. चार नयन पाकर भी तुमने मेरे भी दो नयन लिये. नयनहीन होकर मैं अब कैसे पाउँगा देख पिये! दया करो मुझपर, मेरे दो नयन मुझे वापस कर दो. प्यासे तो पहले से हैं वे मर... [पूरी पोस्ट]
writer Pratul
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[14 May 2010 15:48 PM]

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