तो सोनिया का मुखौटा साबित हुए दिग्विजय
तो अब राज न पूछो नीति का। राजनीतिक दलों की नीतियां सत्ता और वोट के हिसाब से तय होने लगें। तो लोकतंत्र सिर्फ अध्यात्म का विषय भर रह जाएगा। झारखंड का झंझट सत्रहवें दिन भी नहीं सुलझा। तो गुरुजी का धैर्य जवाब दे गया। गुरुजी ने बहुत गुरुअई की, पर तू डाल-डाल...
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santosh.indiagatese
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[14 May 2010 12:30 PM]



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