वे भी और ये भी.. कर रहे हैं नाटक
खोखले नारों से विकास और थोथे विरोध प्रदर्शन भारतीय राजनीति को प्रहसन से ज्यादा पहचान नहीं देते, नतीजा आजादी के पैंसठ बरस बाद भी बुनियादी समस्याएं जस की तस हैं। लोगों में नागरिक जिम्मेदारी का भाव है ही नहीं। मध्यप्रदेश विधानसभा में चार दिन का विशेष सत्र...
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satish aliya
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[14 May 2010 11:51 AM]



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