बारिश - दो

कस्बे का कवि... रेनकोट पहने हुए यह आदमीबारिश को रोकने निकला हैहटाओ इसे सड़क सेबंद कर दो इसेकिसी मकान के भीतरजब तबियत से बरस ले पानीतब खोल देना-दरवाज़े की कुंडी.... [पूरी पोस्ट]
writer मणिमोहन
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[14 May 2010 10:39 AM]

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