जो बन्दा बिंदास रे जोगी

Jogeshwar Garg जो बन्दा बिंदास रे जोगी दुनिया उसकी दास रे जोगी इतना ध्यान हमेशा रखना कौन बना क्यों ख़ास रे जोगी ज्ञान-समंदर उतना गहरा जितनी जिसकी प्यास रे जोगी भौंचक अवध समझ नहीं पाया कौन गया वनवास रे जोगी दुनियादारी ढोते... [पूरी पोस्ट]
writer jogeshwar garg

ghazal

views
12
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
5
[14 May 2010 10:40 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix