विमलेश त्रिपाठी की दो कविताएं

अनहद नाद युवा कवि विमलेश त्रिपाठी की दो कविताएं : अर्थ विस्तार जब हम प्यार कर रहे होते हैं तो ऐसा नहीं कि दुनिया बदल जाती है बस यही कि हमें जन्म देने वाली मां के चेहरे की हंसी बदल जाती है हमारे जन्म से ही पिता के मन में दुबका रहा सपना बदल जाता है और [...]... [पूरी पोस्ट]
writer PRIYANKAR

कविताएं/Poemsविमलेश त्रिपाठी

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[14 May 2010 09:06 AM]

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