पल दो पल...
पल दो पल... चल साथ चले,फिर रह जाने... विराने है!!आज चलो... कुछ ऐसे मिल,लोग कहे... दिवान है!!तुम संग मिलके... ऐसे जले, लोग कहे... पर्वाने है!!मन में ऐसे... हूक उठे ,हाथ मिले... छूट जाने है !!रचना के बारे में अपनी मह्तबपूर्ण राय बताये ताकि अगली रचना और भी...
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gargi gupta
कविता
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[14 May 2010 08:52 AM]



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