यह आपकी ग़लत मांग है कवि से
वेणु गोपाल की एक कविता आपने कल पढ़ी थी. उसी क्रम में आज प्रस्तुत है उनकी एक और रचना:यहआपकी ग़लत मांग हैकवि सेकि वह ख़रीदकरशराब पिएज़िन्दगी के बारे मेंकुछ कहने से पहलेज़िन्दगी जिएवरना चुपचाप रहेहोंठ सिए(चित्र: पाब्लो पिकासो की १९१० की रचना द पोयट)आख़िर...
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Ashok Pande
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[14 May 2010 04:16 AM]



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