मनुस्मृति-भोजन करते समय मन को प्रसन्न रखें (hindu dharma sandesh-tanavmukt hokar bhojan grahan karen)

शब्दयोग सारथी-पत्रिका पूजयेदशनं नित्यमद्याच्चेतकुत्सयन्दृष्टवा हृध्येत्प्रसीदेच्च प्रतिनन्देच्च सर्वशः।।हिंदी में भावार्थ-मनुष्य को जैसा भोजन मिले उसे देखकर प्रसन्नता हासिल करना चाहिए। उसे ईश्वर प्रदत्त मानकर गुण दोष न निकालते हुए उदरस्थ करें। भोजन करते हुए अपनी झूठन न छोड़ें।... [पूरी पोस्ट]
writer दीपक भारतदीप

आध्यात्म

views
13
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[13 May 2010 23:29 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix