निरुपमा के बाद रजनी को भी जान गँवानी पड़ी… क्यों???
निरुपमा पाठक की मौत का मामला अभी अखबारी सुर्खियों से हटा भी नहीं था कि इलाहाबाद में ऐसे ही क्रूर कथानक की पुनरावृत्ति हो गयी। इस बार किसी सन्देह या अनुमान की गुन्जाइश भी नहीं है। पुलिस को घटनास्थल पर मिले सबूतों के अनुसार परिवार वालों ने...
[पूरी पोस्ट]
सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी
अपनी बात
34
4
0
4
10
[13 May 2010 21:29 PM]



Shuffle








