वरना, रहने दे लिखने को

युवा सोच युवा ख्यालात रचनाकार : कुलवंत हैप्पी तुम्हें बिकना है,यहाँ टिकना है,तो दर्द से दिल लगा लेदर्द की ज्योत जगा लेलिख डाल दुनिया का दर्द, बढ़ा चढ़ाकररख दे हर हँसती आँख रुलाकरहर तमाशबीन, दर्द देखने को उतावला हैबात खुशी की करता तू, तू तो बावला हैमुकेश, शिव, राजकपूर हैं देन... [पूरी पोस्ट]
writer Kulwant Happy

कुलवंत हैप्पी

views
28
upvote
6
downvote
0
rating
6
comments
10
[13 May 2010 20:54 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix