आओ फिर से दिया जलाएँ

नया बरिस्ता आओ फिर से दिया जलाएँभरी दुपहरी में अंधियारासूरज परछाई से हाराअंतरतम का नेह निचोड़ें-बुझी हुई बाती सुलगाएँ।आओ फिर से दिया जलाएँहम पड़ाव को समझे मंज़िललक्ष्य हुआ आंखों से ओझलवतर्मान के मोहजाल में-आने वाला कल न भुलाएँ।आओ फिर से दिया जलाएँ।आहुति बाकी यज्ञ... [पूरी पोस्ट]
writer Arvind Mishra
views
14
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
5
[13 May 2010 14:44 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix