कि जंगल आज भी उतना ही ख़ूबसूरत है

कबाड़खाना वेणु गोपाल (२२ अक्तूबर १९४२ - १ सितम्बर २००८) के निधन के बाद हमने वीरेन डंगवाल का एक मार्मिक संस्मरण यहां लगाया था. वेणुगोपाल बड़े कवि थे - आदमी की पक्षधरता और सतत उम्मीद उनकी कविताओं की ख़ासियत हैं. उनकी एक कविता प्रस्तुत है: काले भेडि़ए के ख़िलाफ़... [पूरी पोस्ट]
writer Ashok Pande
views
41
upvote
6
downvote
0
rating
6
comments
3
[13 May 2010 12:45 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix