दिल की बात

इक बात मेरे दिल की आपके दिल तक कैसे होगा आपको यकीन यह बतलायेहम तो खुली किताब रहे है हमेशापन्ने अपने दिल के छुपाये तो क्योंकोई गहरे से देखे तो मनाही  नहीं  हैपढ़े दिल से और रखे दिल में तो सुकून हैवरना पन्ने युही हवा में उड़ जायेंगेकहा अटकेंगे पन्ने मेरे दिल केखुद... [पूरी पोस्ट]
writer Main Hoon Na ....
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[13 May 2010 01:38 AM]

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