अनूप शुक्ल, दम्भ और अभिमान और मौज की लक्ष्मण रेखा

फुरसतिया १.क्या बिगाड़ के डर से ईमान की बात न कहोगे? -पंच परमेश्वर २.हम लोग सब विभाजित व्यक्तित्व (स्पिलिट पर्सनालिटी) के हैं। हम कहीं करुण होते हैं और कहीं क्रूर होते हैं। इस तथ्य को स्वीकारना चाहिये।- हरिशंकर परसाई दो दिन पहले  ज्ञानजी ने पोस्ट ठेली जिसमें... [पूरी पोस्ट]
writer फ़ुरसतिया
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[12 May 2010 23:18 PM]

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