खेती म हावय सब सुख - कहिनी

गुरतुर गोठ सीताराम हर एक दिन शहर गीस घूमे बर, शहर के हालचाल जाने बर सीताराम शहर पहुंचगे। बढ़िया-बढ़िया घर-कुरिया, पांच तल्ला छै तल्ला। सब ल देखिस घूमत-घूमत सीताराम ल भूख लागिस खोजत-खोजत एक ठन बढ़िया होटल म गिस पेट भर रोटी-भात खाइस। होटल वाला ल पूछथे, कस गा भइया, के... [पूरी पोस्ट]
writer संजीव तिवारी .. Sanjeeva Tiwari

कहिनी

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[12 May 2010 23:21 PM]

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