“शहीद” का शहादतनामा
हि न्दी की विकास यात्रा के दौरान सैकड़ों वर्षों में अरबी-फारसी के हजारों शब्द दाखिल होते रहे हैं जो अब बोलचाल की भाषा में इस कदर घुलमिल गए हैं कि उनके विदेशज होने का आभास भी नहीं होता। शहीद या शहादत भी ऐसे ही शब्द हैं। किसी पवित्र उद्धेश्य की खातिर...
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अजित वडनेरकर
सम्बोधन
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[12 May 2010 16:24 PM]



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