Bikhare sitare:17 जा, उड़ जा रे पँछी..!

BIKHARE SITARE ( गतांक : ओह! बिटिया को मै हर दिन का ब्यौरा लिखती..एक दिन उसने लिखा," अब बस भी करो माँ!"मैंने कहा, जीवन में यह पल बार बार आनेवाले नही.." जोभी है,बस यही इक  पल है..कर ले तू पूरी आरज़ू...." कल किसने देखा है? कलकी किसको खबर?और कितना सच था...आनेवाले कलमे... [पूरी पोस्ट]
writer kshama

maa

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[12 May 2010 09:45 AM]

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