मेरी ज़ात है ......
मेरी जात है......अगर हम दलितों, आदिवासियों और पिछड़ों को आरक्षण देते रहना चाहते हैं तो जन-गणना में जाति का हिसाब तो रखना ही होगा| उसके बिना सही आरक्षण की व्यवस्था कैसे बनेगी ? हाँ, यह हो सकता है कि जिन्हें आरक्षण नहीं देना है, उन सवर्णों से...
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कविता वाचक्नवी Kavita Vachaknavee
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[12 May 2010 09:23 AM]



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