टेलीविजन में किसान का रोमैंटिक रुप
टेलीविजन स्वभावत: रोमैंटिक है। इसमें रोमैंटिक भावबोध जितना बिकता है यथार्थबोध उतना नहीं बिकता।कृषि पर घमासान मचा है। किंतु किसान गायब है। कृषि सब्सीडी, किसान की पामाली और भुखमरी के चित्र गायब हैं। किसानों के नाम पर मंत्रियों और...
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jagadishwar chaturvedi
मासकल्चर
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[12 May 2010 01:15 AM]



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