मेरे पिया गये रंगून....लुंगी कौन पहनता है बे......नवाबिन से पूछो.... मूर्ति बनवा दूँ......क्या बकता है ..लछमी दासिन....सतीश पंचम

सफ़ेद घर एक कोलाज :  फिल्म और साहित्यलोग अब जहर बोते हैं बाबू...... मेरे पिया गये रंगून..... किया है टेलीफून..... तुम्हारी याद .......मोबाईल की अम्मा......अब कौन लुंगी में घूमता है रे.......पैंट पहन कर चलने में नवाबी फटकती है.....चप्पल फटकारते हुए... [पूरी पोस्ट]
writer सतीश पंचम

फिल्म

views
42
upvote
4
downvote
0
rating
4
comments
9
[11 May 2010 21:37 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix