देव बाबा की एक कविता.... यह छोटी सी दुनिया
तेरी और मेरीयह छोटी सी दुनियातेरी हंसी मेरी हंसीतेरी ख़ुशी से मेरी ख़ुशीसतरंगी इंद्र-धनुष सीप्यारी यह दुनियाहाँ यही तो हैतेरी और मेरीयह छोटी सी दुनियासुख और दुःखका आभासनिर्मल और मुक्तकंठो के स्वरकितना आह्लादितकितना आनंदितहोता मनएक तेरा साथफैलाता सतरंगी...
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देव कुमार झा
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[11 May 2010 16:01 PM]



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