कोडाईकैनाल में
--हरिशंकर राढ़ीहमारी बस अपनी तीव्र गति से प्रकृति का स्पर्श करती हुई कोडाईकैनाल की तरफ बढ़ी जा रही थी।पर्वतमाला हमारे साथ-साथ चल रही थी और हम उत्सुक थे कि हम इनके अन्दर प्रवेश करें। इसी पर्वतपाद प्रदेश में बस चालक ने एक रेस्तरां पर बस रोकी और उस खुले से...
[पूरी पोस्ट]
Hari Shanker Rarhi
travelogue
11
2
0
2
5
[11 May 2010 15:50 PM]



Shuffle








