स्वसा-निवेदन
"स्वसा बहिन भगिनी बहना"भैया! मुझको कुछ तो कहना. बँधवा हाथों में लो भैया बहना का नेह निर्मित गहना. जब भ्रातृहीन कन्या से की जाती थी पापी की तुलना. ना बनूँ कहीं वैसी उपमा तुम छोडो ना मिलना-जुलना.क्यों भ्रातृहीन कन्या पहले समझी जाती थी भाग्यहीन. भ्राता...
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Pratul
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[11 May 2010 15:21 PM]



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