यशस्वी क्रान्तिकारी लेखक
यशस्वी लेखक यशपाल से कौन हिन्दी का सुधी पाठक परिचित न होगा। उनके बृहद् उपन्यास ‘झूठा सच’ से लेकर ‘परदा’ तक के गद्य में जो जादुई भावोन्मेष की शक्ति है वह आलोचकों को समीक्षा के लिए ही नहीं अपितु साधारण पाठक को भी पुनर्पाठ के लिए लुभाती, उकसाती...
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कविता वाचक्नवी Kavita Vachaknavee
Hindi
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[11 May 2010 12:30 PM]



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