'बाज़ार-ए-ईमान..'
..."जुस्तजू में भिगो दामन..लाया हूँ शबनम..थोड़ी नज़रों पर रख लेना..थोड़ी फलक पर झटक देना..सुना है..अश्कों की कीमत..लगती है..बाज़ार-ए-ईमान में..!!"......
[पूरी पोस्ट]
Priyankaabhilaashi
10
0
0
0
8
[11 May 2010 08:36 AM]



Shuffle








