बहुत याद आएंगे सरोद के उस्ताद

चौराहा अली अकबर खान चाहते  थे—राजस्थानी संगीत को मिले ऊंचाई सरोद आज ख़ामोश है। मन के तार छेड़ने वाले इस साज़ से आवाज़ आए भी तो कैसे...इसके बादशाह उस्ताद अली अकबर खान मौसिक़ी का संसार और ये फ़ानी दुनिया छोड़कर फ़ना हो गए हैं। अमेरिका के सेन फ्रांसिस्को... [पूरी पोस्ट]
writer चण्डीदत्त शुक्ल

शख्सियत

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[11 May 2010 07:52 AM]

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