खाप बन न जाए न्याय का बाप
समुदाय की मान्यताये, विश्वास, परम्पराए और मर्यादाएं नष्ट न हो इसका खाप ध्यान रखती है ताकि जंगलराज स्थापित न हो जाये. वास्तविक धरातल पर खास कर जब वोट-बैंक का मामला हो जाति और खाप के बन्धन से मुक्त होना लगभग असम्भव है....
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संजय बेंगाणी
लोकाचारन्यायपंचायतखाप
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[11 May 2010 07:48 AM]



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