कुछ पंक्तियाँ भेट करना चाहूँगा ,शायद आपको थोडा आराम मिले

Arshad ke man se........ जीवन दीपक जलते जलते थक कर एक दिन बुझ जायेगा अन्धकार जो मिट न पाया अंत प्रकाश में मिट जायेगा-----------------------------छन्भंगुर एहसास नित नए रंगों में बनते टूटते नए नए जाने कितने ख़वाबराजा बन मन गढ़ंत न तख़्त न ताज रंक रंक के शोर मेंदबते सब... [पूरी पोस्ट]
writer Arshad Ali
views
25
upvote
1
downvote
0
rating
1
comments
3
[11 May 2010 02:01 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix