हिन्दू धर्म संदेश-योग साधना से मन मजबूत होता है

 दीपक भारतदीप की हिंदी सरिता प्रच्छर्दनविधारणाभ्यां वा प्राणस्य। हिन्दी में भावार्थ-प्राणवायु को बाहर निकालने और अंदर रोकने के निरंतर अभ्यास चित्त निर्मल होता है। विषयवती वा प्रवृत्तिरुपन्न मनसः स्थितिनिबन्धनी।। हिन्दी में भावार्थ-विषयवाली प्रवृत्ति उत्पन्न होने पर भी मन पर नियंत्रण... [पूरी पोस्ट]
writer दीपक भारतदीप

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[10 May 2010 23:25 PM]

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