प्यार पर कविता -भाग आठ

सरल कुमार इससे पिछली कविता का लिंक हैंhttp://saralkumar.blogspot.com/2010/05/blog-post_09.htmlआठवी कवितावो कभी मेरे पास तो आये , मेरे लिए बाहे फैलायेमेरी गोद में सर रख कर मुझसे रूठे तो सहीहाथ में मेरा हाथ लेकर मुझे ताने दे तो सहीमैं फिराऊ उसके बालो में हाथ वो रोये... [पूरी पोस्ट]
writer Virender Rawal
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[10 May 2010 20:47 PM]

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