Indian Media..मीडिया ही दोषी नहीं, समाज भी भ्रम में जीता है..2...रोहित
ताली एक हाथ से नहीं बजतीआज सच बोलना गुनाह हो गया है। आप कमजोर हैं तो आप पर वार होता है। आप सबल हैं तो आप को कोई कुछ नहीं कह सकता। यही हालत सारे देश में है। प्रशासन के हर विभाग में है। लोग पत्रकारों से सिर्फ ईमानदारी की अपेक्षा रखते हैं। पर जब...
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boletobindas
कब तक भागें..
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[10 May 2010 21:03 PM]



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