नकदी, नकबजन और नक्कारा
लो गों की भाव-भंगिमाओं को हाव-भाव के साथ प्रस्तुत करने को नकल करना या नकल उतारना कहते हैं। ऐसा करनेवाला व्यक्ति नक़लची या नक्काल कहलाता है। नकलची में ची तुर्की-फारसी का प्रत्यय है और नक्काल में आल प्रत्यय हिन्दी का लगा है। कुछ बदले हुए अर्थों में इसे...
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अजित वडनेरकर
सम्बोधन
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[10 May 2010 16:30 PM]



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