sirf maa ke liye

swati : रेगिस्तान में पड़ रही है बर्फ जीवन पल्लवित और परिष्कृत करने वाली माँ के लिए.....वात्सल्य का हर क्षणचम्पई सी मुस्कुराहटअनुपमित स्नेहऔर निवाए से हाथों नेसीखों का एक गुच्छा बना करमन पर सजाया है ,सजावट का अनुशासनबांधे है हर उदगारहर स्वप्न-सींचन...माँ की आंखों से आया है... [पूरी पोस्ट]
writer swati
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[10 May 2010 15:13 PM]

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