जगत में छ: श्रेणी के लोग होते है, द्वितिय श्रेणी उनकी है, अच्छा और बुरा दोनों देखना पर थोड़ा सा बुरा दिखाई दे तो उसे बहुत बड़ा चढ़ा देना।

हरे कृष्णा प्रथम श्रेणी जो दूसरों में केवल दोष देखते हैं, पढ़ने के लिये चटका लगाईये।     बुरा भी देखना अच्छा भी देखना, लेकिन जो बुरा मिल गया तो बिल्कुल इस तरह झपट पड़ना कि अब मिल गया मिल गया। जो ढूँढ़ रहा था वो मिल गया, और उसको झपट लेना और फ़िर उसको बहुत... [पूरी पोस्ट]
writer Vivek Rastogi
views
21
upvote
3
downvote
0
rating
3
comments
2
[10 May 2010 13:47 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix