अच्छी थी अपनी तन्हाई-हिन्दी शायरी (apni tanhaii-hindi shayari)

दीपक भारतदीप की शब्द प्रकाश-पत्रिका ख्याल आया इंसानों से जुड़ने का,अकेलेपन से भीड़ के रास्ते मुड़ने कामगर बहुत जल्दी आ गयीसामने जिन्दगी की सच्चाई।मुफ्त में प्यार नहीं मिलता,धोखे के बिना व्यापार नहीं हिलता,चीख रहे हैं लोगअपनी बेहाली छिपाने के लिये,मुस्कराहट ला रहे चेहरे पर जबरनदिल का खालीपन... [पूरी पोस्ट]
writer दीपक भारतदीप

masti

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[10 May 2010 13:02 PM]

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