दुनियाभर के पगलेटों के लिए सरवांतेस का सपना..

azdak कुछ वज़ह होती होगी कि क्‍यों दुनिया के एक से एक तोपख़ां और उनके युगीन ‘युगांतरकारी’ कारनामे बिला जाते हैं, और कैसे प्रकट रूप से मामूली दिखनेवाली, अवसादी समय में एक पगलेटी सनक का आख्‍यान, सत्रहवीं सदी के शुरुआत में लिखी गई, अभी भी जीवन्‍त और मार्मिक अर्थ... [पूरी पोस्ट]
writer Pramod Singh

किताबों की दुनिया

views
17
upvote
3
downvote
0
rating
3
comments
1
[10 May 2010 04:50 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix