दो बूँद पानी

uthisthkountaye महज़ चुल्लू भर पानी भी नहीं बचा पीने के लिए ! इस कदर गन्दा कर दिया है हमने अपने जीवित रहने के लिए अनिवार्य और महत्तवपूर्ण स्त्रोत को . पृथ्वी पर दो तिहाई क्षेत्र में पानी ही पानी है.फिर भी मानव शुद्ध पीने योग्य पानी के आभाव से त्रस्त है.पानी में मीन... [पूरी पोस्ट]
writer L.R.Gandhi
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[10 May 2010 00:36 AM]

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