मात-दिवस के अवसर पर सभी मांओ को कोटि-कोटि नमन
स्त्री जो हर रिश्तों के डोर से बधी हुई है।सबसे पहले किसी की बेटी बन कर,फ़िर बहन ,ननद,भाभी ,किसी कि सखा फ़िर किसी कि पत्नि और अन्तत: मां बनती है। हर रूप में वह अपने को समर्पित करति चलती है,पूरी तन्म्यता के साथ्। तभीतो स्त्री को मां के रूप में एक महान...
[पूरी पोस्ट]
JHAROKHA
स्त्री
9
0
0
0
22
[09 May 2010 23:26 PM]



Shuffle








