वजीरे आला गिलानी और 'ग्लानी '
२६/११ के आतंकी हमले के एक मात्र जिन्दा सबूत अजमल अमीर कसाब को भारतीय क़ानून के तराजू पर तोल कर सजा देने के लिए हमारी सेकुलर सरकार ने क्या कुछ नहीं किया. इस पाकिस्तानी ख़ास मेहमान की खातिर तवज्जो में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी .डेढ़ बरस तक अपने वकील दे देकर...
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L.R.Gandhi
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[09 May 2010 10:16 AM]



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