माँ दिवस नहीं, ''माँ-शताब्दी'' मनाना होगा
आज हमारी चार माताएं सबसे ज्यादा उपेक्षित हैं. जन्म देनेवाली माता के साथ ही भारत माता, गंगा माता और गौ माता. सबकी दशा ख़राब है. इन सबके लिए अब एक दिन नहीं,पूरी ''माँ-शताब्दी'' मनाने की ज़रुरत है.लेकिन ऐसा होगा नहीं, क्योकि बहुत से तथाकथित आधुनिक कहेंगे इन...
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girish pankaj
सवक्तव्य-ग़ज़ल
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[09 May 2010 09:05 AM]



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