एक युग का अंत
कवि समाज हो या आध्यात्मिक जगत्… आज का दिन समस्त संवेदी समाज के लिए विषाद का दिन है। जैन समाज के आचार्य महाप्रज्ञ आज भौतिक देह को त्याग गए हैं…! वे जितने बड़े संत थे उतने ही बड़े कवि भी थे। दर्शन और विज्ञान के बीच निष्पक्ष रहते हुए समाज को दिशा-निर्देश देना...
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चिराग जैन CHIRAG JAIN
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[09 May 2010 08:08 AM]



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