‘मदर्स डे’ पर प्रसिद्ध कवि डॉ. कुंअर बेचैन की कविता – ‘मां’
आज अमेरिका और कनाडा आदि देशों में मदर्स-डे मनाया जा रहा है. उसके उपलक्ष में प्रसिद्ध कवि ‘डॉ. कुंअर बेचैन’ जी की ‘मां’ पर लिखी एक कविता- ‘मां’ डॉ. कुंअर बेचैन कभी उफनती हुई नदी हो, कभी नदी का उतार हो मां रहो किसी भी दिशा-दिशा में,...
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महावीर
कविताडॉ. कुंअर बेचैन
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[09 May 2010 07:00 AM]



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