मेरे तो लगभग सभी दिन ऐसे ही खास होते हैं..!
आज न जाने क्यों सुबह नींद ही नहीं खुली.... विजय ऑफिस चले गए..बच्चे भी कब उठ गए पता ही नहीं चला.... छोटे की आवाज़ से नींद खुली कि चाय नाश्ता तैयार है मम्मी.... फ्रेश होकर किचन में गई तो मुस्कुराते हुए बच्चों ने ‘हैप्पी मदर्ज़ डे’ कह कर स्वागत किया... मन...
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मीनाक्षी
प्यार और दोस्ती
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[09 May 2010 07:12 AM]



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