भूल मत जाओ अपने मस्तिष्क में छिद्र बनाना

कबाड़खाना *** कविता के बारे में ( गद्य और पद्य में ) बहुत कुछ कहा गया है। काव्यशास्त्र की तमाम पोथियाँ 'कविता क्या है ?' के प्रश्नोत्तरों से भरी पड़ी हैं फिर भी कवि , आचार्य , पाठक और भावक के पास इस सिलसिले को लेकर सवाल कम नहीं हुए हैं ( और शायद होंगे भी नहीं )।... [पूरी पोस्ट]
writer sidheshwer
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[09 May 2010 06:24 AM]

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