लाल सूरज

deehwara --------------------------------------तुम देहरी पार दीप रखो- न रखो अँधेरा घिरेगा ही सघन या विरल सपने छीजने लगें तो यही होता है--रात बांसुरी नहीं बजाती ,चाँद बच्चे नहीं बहलाता ,सितारे जंगल में भेज देते हैंभटके हुए बटोही... [पूरी पोस्ट]
writer prkant
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[09 May 2010 05:45 AM]

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