अपना हाथ जगन्नाथ…यानी महिमा हाथ की

शब्‍दों का सफ़र भा रतीय मनीषियों ने हाथों का प्रतीकार्थ और उसका आध्यात्मिक महत्व बहुत पहले जान लिया था इसीलिए "प्रभाते करदर्शनम्" जैसे आत्मानुशासन की व्यवस्था की। वे हाथ, जो हमारे भाग्यविधाता हैं, उनकी स्तुति दर्शनमात्र से हो जाती है। मनुष्य के हाथों में ही... [पूरी पोस्ट]
writer अजित वडनेरकर

उत्सव

views
25
upvote
4
downvote
0
rating
4
comments
13
[09 May 2010 04:53 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix