जरा ऊँचे स्वर में बोलिये

कच्‍चा चिट्ठा मुझमें एक व्याधि है, वह यह कि जब आप मुझसे बहुत धीमे स्वर में बात करते हैं तो मेरी समझ में नहीं आता है। सुनाई पड़ता है कि आप कुछ कह रहे हैं पर समझ में नहीं आता है कि आप क्या कह रहे हैं। यह हो सकता है आपको मामूली बात लगे पर यह एक भयंकर समस्या है।जब छोटा था... [पूरी पोस्ट]
writer मथुरा कलौनी

व्यंग्य

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[09 May 2010 01:18 AM]

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