" मां " " तेरे क़दमों तले जन्नत " " गजब कमाल है मा ! "

शस्वरं तीन रचनाएं मातृ शक्ति को प्रणाम वंदन नमन के साथ !हमारी संस्कृति के अनुसार दिवस विशेष नहीं , हर क्षण माता-पिता के प्रति सम्मान और श्रद्धा भाव के लिए है । परंतु पश्चिम के अनुकरण में आज के लिए कोई आपत्ति नहीं । मातृ दिवस के उपलक्ष... [पूरी पोस्ट]
writer Rajendra Swarnkar
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[09 May 2010 00:11 AM]

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