एक अलग एहसास
'सप्तरंगी प्रेम' ब्लॉग पर आज प्रेम की सघन अनुभूतियों को समेटता विनोद कुमार पांडेय का एक प्रेम-गीत. आपकी प्रतिक्रियाओं का इंतजार रहेगा... नित पुष्प खिला कर,खुशियों के,मन बगिया महकाया तुमने,आँखों के आँसू लूट लिये,हँसना सिखलाया तुमने,सूना,वीरान,अधूरा...
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अभिलाषा
जीवन-वृत्त
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[08 May 2010 22:30 PM]



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